हर ग्रह की महादशा कितनी होती है?
पूर्ण अवधि निश्चित है: केतु 7 वर्ष, शुक्र 20, सूर्य 6, चंद्र 10, मंगल 7, राहु 18, गुरु 16, शनि 19 और बुध 17 वर्ष। जन्म के समय पहली महादशा का केवल बचा हुआ हिस्सा मिल सकता है।
महादशा के अच्छे या कठिन परिणाम कैसे समझें?
किसी ग्रह को केवल अच्छा या बुरा कह देना पर्याप्त नहीं है। उसकी राशि, भाव, स्वामित्व, अन्य ग्रहों से संबंध और विभाजन कुंडलियों में स्थिति परिणामों के स्वरूप को बदल सकती है।
इसलिए दो लोगों की शुक्र या शनि महादशा समान नाम होने के बावजूद बहुत अलग अनुभव दे सकती है।
अंतरदशा क्यों जरूरी है?
एक लंबी महादशा के भीतर सभी नौ ग्रहों की अंतरदशाएं आती हैं। वर्तमान अंतरदशा यह बताने में मदद करती है कि महादशा की बड़ी थीम इस समय किस तरह सक्रिय हो रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेरी महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यंतरदशा कब शुरू और खत्म होगी?
विंशोत्तरी दशा की गणना जन्म के चंद्र नक्षत्र से होती है। जन्म तिथि, सही समय, स्थान और अयनांश से महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यंतरदशा, सूक्ष्म और प्राण दशा की तारीखें निकालें।
क्या शनि, राहु और केतु की दशा हमेशा खराब होती है?
नहीं। ग्रह का भाव, राशि, दृष्टि, युति और चल रही उपदशा साथ में देखी जाती है। किसी ग्रह का नाम सुनकर निश्चित बुरे परिणाम मानना सही नहीं है।
ज्योतिष को संदर्भ की तरह उपयोग करें, निश्चितता की तरह नहीं
ज्योतिष व्याख्यात्मक है। कोई चार्ट या दशा किसी खास जीवन घटना की गारंटी नहीं देती। महत्वपूर्ण निर्णयों में वास्तविक जानकारी और उचित पेशेवर सलाह भी शामिल करें।
