तीसरे स्तर की जरूरत क्यों पड़ती है?
महादशा कई साल चल सकती है और अंतरदशा भी लंबी हो सकती है। प्रत्यंतरदशा उसी संदर्भ के भीतर अधिक छोटी अवधि दिखाती है, इसलिए इसे अकेले नहीं पढ़ना चाहिए।
MoKundli में डेटा का स्रोत
MoKundli प्रदाता से मिली समय सीमाओं को सहेजता है। यदि किसी प्रदाता में गहरे स्तर सीधे उपलब्ध न हों, तो प्रदाता से मिली मूल सीमा को आधार बनाकर मानक विंशोत्तरी अनुपात से आगे की गणना की जा सकती है।
इसके बाद कौन-से स्तर आते हैं?
प्रत्यंतरदशा के बाद सूक्ष्म और प्राण दशा आती हैं। समय छोटा होता जाता है, इसलिए जन्म समय की सटीकता और व्याख्या में सावधानी और महत्वपूर्ण हो जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रत्यंतरदशा का अंग्रेज़ी में क्या अर्थ है?
प्रत्यंतरदशा (Pratyantar Dasha) अंतरदशा के अंदर तीसरे स्तर की ग्रह अवधि है। अंतरदशा स्वयं महादशा के भीतर रहती है।
प्रत्यंतरदशा की अवधि कैसे निकालते हैं?
अंतरदशा की पूरी अवधि को प्रत्यंतर के स्वामी के विंशोत्तरी वर्षों से गुणा करके 120 से भाग दिया जाता है। सटीक आरंभ और अंत का समय महत्वपूर्ण है।
प्रत्यंतर और प्राण दशा में क्या अंतर है?
प्रत्यंतर तीसरा स्तर है, सूक्ष्म चौथा और प्राण पाँचवाँ। प्राण दशा सूक्ष्म दशा के भीतर होती है।
मेरी महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यंतरदशा कब शुरू और खत्म होगी?
विंशोत्तरी दशा की गणना जन्म के चंद्र नक्षत्र से होती है। जन्म तिथि, सही समय, स्थान और अयनांश से महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यंतरदशा, सूक्ष्म और प्राण दशा की तारीखें निकालें।
क्या शनि, राहु और केतु की दशा हमेशा खराब होती है?
नहीं। ग्रह का भाव, राशि, दृष्टि, युति और चल रही उपदशा साथ में देखी जाती है। किसी ग्रह का नाम सुनकर निश्चित बुरे परिणाम मानना सही नहीं है।
ज्योतिष को संदर्भ की तरह उपयोग करें, निश्चितता की तरह नहीं
ज्योतिष व्याख्यात्मक है। कोई चार्ट या दशा किसी खास जीवन घटना की गारंटी नहीं देती। महत्वपूर्ण निर्णयों में वास्तविक जानकारी और उचित पेशेवर सलाह भी शामिल करें।
